अंता विधानसभा उपचुनाव में अब बीजेपी ने पूरा दमखम झोंक दिया है। पार्टी के अंदरूनी मतभेद और गुटबाजी की खबरों के बीच अब एक बड़ा सियासी संदेश देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज एक ही मंच पर नज़र आने वाले हैं। दोनों नेता मिलकर अंता में भव्य रोड शो करेंगे, जिससे संगठन में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश होगी।
बीजेपी ने इस रोड शो के लिए एक विशेष रथ तैयार किया है, जिस पर सीएम भजनलाल शर्मा, वसुंधरा राजे, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, सांसद दुष्यंत सिंह और पार्टी प्रत्याशी मोरपाल सुमन सवार होंगे। यह रोड शो न सिर्फ चुनावी शक्ति प्रदर्शन होगा, बल्कि यह विपक्ष को जवाब भी देगा कि बीजेपी एकजुट है और अंता की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ रही है।
काफी समय से पार्टी में गुटबाजी और अंतर्कलह की खबरें सामने आ रही थीं। कई बार यह भी देखा गया कि भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे एक ही मंच साझा करने से बचते रहे हैं। लेकिन अंता उपचुनाव ने दोनों को एक साथ ला दिया है, जो अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक संकेत है।
दरअसल, बीजेपी ने अंता सीट पर टिकट की घोषणा में देरी की थी, जिससे संगठन में मतभेदों की चर्चा और तेज हो गई थी। वहीं विपक्ष लगातार बीजेपी पर कई गुटों में बंटी होने का आरोप लगाता रहा है। ऐसे में अब सीएम और पूर्व सीएम का साथ आना पार्टी के लिए मनोबल बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि अंता में 11 नवंबर को मतदान और 14 नवंबर को मतगणना होगी। यहां बीजेपी प्रत्याशी मोरपाल सुमन के सामने कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया और निर्दलीय नरेश मीणा मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं।
बीजेपी की ओर से टिकट घोषित होने के बाद शुरुआती दिनों में कोई बड़ा नेता अंता प्रचार में नहीं पहुंचा था। केवल प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने एक बार दौरा किया था। लेकिन मंगलवार को वसुंधरा राजे ने कमान संभालते हुए कार्यकर्ताओं की बैठक ली और प्रचार तेज करने का आह्वान किया। अब सीएम भजनलाल शर्मा के साथ उनका यह साझा रोड शो बीजेपी की एकजुटता का प्रमाण बनकर उभरने जा रहा है।
निष्कर्ष:
अंता उपचुनाव अब बीजेपी के लिए सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि संगठनात्मक एकजुटता का प्रदर्शन भी बन गया है। भजनलाल शर्मा और वसुंधरा राजे का साथ आना यह साबित करता है कि पार्टी अब पूरी ताकत और रणनीति के साथ मैदान में उतर चुकी है।

