राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर से हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
सीएम ऑफिस (CMO) ने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे आने वाले मंत्रिमंडल फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा तेज
सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में सरकार के कामकाज, राजनीतिक नियुक्तियों और संभावित कैबिनेट विस्तार या फेरबदल पर चर्चा हो सकती है।
हाल ही में गुजरात में पूरे मंत्रिमंडल का इस्तीफा लेकर नए सिरे से फेरबदल किया गया था, जिसके बाद अब राजस्थान में भी इसी तरह के कदम की संभावना जताई जा रही है।

सरकार के कामकाज की रिपोर्ट पीएम मोदी को सौंपी
सीएम भजनलाल शर्मा ने पीएम मोदी को राज्य सरकार के कामकाज की जानकारी दी।
राजस्थान सरकार 10 दिसंबर को पहला ‘राजस्थानी प्रवासी दिवस’ आयोजित करने जा रही है।
सीएम ने पीएम मोदी को इस कार्यक्रम का औपचारिक निमंत्रण भी दिया है।
यह कार्यक्रम राज्य सरकार के कार्यकाल के दो साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जाएगा।
तीन महीनों में तीसरी मुलाकात
यह भजनलाल शर्मा की तीन महीनों में प्रधानमंत्री मोदी से तीसरी मुलाकात है।
इससे पहले 29 जुलाई को उन्होंने संसद भवन में पीएम मोदी से मुलाकात की थी।
इसके एक दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी पीएम मोदी से मुलाकात की थी।
25 सितंबर को बांसवाड़ा दौरे के दौरान पीएम मोदी और सीएम भजनलाल शर्मा ओपन जीप में एक साथ नजर आए थे।
मंच पर वसुंधरा राजे और पीएम मोदी की बातचीत उस वक्त काफी चर्चा में रही थी।
राजनीतिक संकेत
हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है, लेकिन बीजेपी संगठन और सरकार के भीतर इसे कैबिनेट में बदलाव और नई नियुक्तियों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दो साल पूरे होने से पहले सरकार नए चेहरों को मौका देकर राजनीतिक संतुलन साधना चाहती है।
निष्कर्ष
राजस्थान की सियासत में यह मुलाकात कई मायनों में अहम मानी जा रही है।
जहां एक ओर सरकार अपने कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पीएम मोदी को सौंप रही है, वहीं दूसरी ओर मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
अब निगाहें भाजपा आलाकमान के फैसले पर टिकी हैं कि राजस्थान में कब और कैसे बदलाव देखने को मिल सकता है।

