जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर लगी भीषण आग में ICU में भर्ती 8 मरीजों की मौत हो गई। आग लगने के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। बताया जा रहा है कि हादसा देर रात करीब 12 बजे शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ।
कैसे लगी आग
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी के अनुसार, आग लगने और दम घुटने से आठ मरीजों की मौत हुई है। कई अन्य घायल मरीजों का इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ICU से अचानक धुआं उठने लगा, जिसके बाद पूरे ट्रॉमा सेंटर में धुआं फैल गया। मरीजों को सांस लेने में परेशानी होने लगी और कई की हालत बिगड़ गई।
देर रात बचाव कार्य
आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की करीब आधा दर्जन टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों को आग पर काबू पाने में लगभग दो घंटे का समय लगा। इसके बाद ट्रॉमा सेंटर के सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अस्पताल के बाहर एहतियात के तौर पर चिकित्सकों की टीम लगाई गई, जो घायलों का प्राथमिक उपचार कर रही थी।
मुख्यमंत्री पहुंचे मौके पर
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्री जवाहर सिंह बेढम रात में ही अस्पताल पहुंचे। दोनों ने राहत कार्यों का जायजा लिया और अस्पताल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
सीएम शर्मा ने कहा, “घटना की पूरी जांच कराई जाएगी, दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”
विपक्ष ने उठाए सवाल
वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घटना पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा—
“यह हादसा नहीं, हत्या है। जब आग लगी, तब अस्पताल स्टाफ मरीजों को छोड़कर भाग गया। परिजनों ने खुद अपने मरीजों को बचाया। क्या हम हादसे का इंतजार करते हैं?”
सोमवार सुबह जूली ने अस्पताल का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी सुबह अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सरकारी अस्पतालों की लापरवाही को उजागर करती हैं और सुरक्षा मानकों पर गंभीर पुनर्विचार की जरूरत है।
