राजस्थान में पिछले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस से बीजेपी में आने वाले नेताओं की लाइन लग गई थी. वही अब सत्ताधारी दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती है इन्हे एडजस्ट करना. जानकारी के मुताबिक पार्टी ने इन्हे लेकर रणनीति बनाई है. और सरकार और संगठन दोनों जगह इन नेताओं को शामिल किये जाने की बात सामने आई है. राजस्थान में जब विधानसभा चुनावों के दौरान चुनावी माहौल बना हुआ था. तब कांग्रेस का दामन छोडकर कई बडे नेताओं ने बीजेपी का दामन थामा था.और इस उम्मीद में उन्होने पार्टी छोडी थी कि यहां उन्हे पद और सम्मान दोनों मिलेगा.हालांकि सरकार बने हुए 2 साल होने को आए है लेकिन अभी तक उन नेताओं को पद और सम्मान दोनों का ही इंतजार है. वही अब एक खबरे ये भी सामने आ रही है कि इन नेताओं को संगठन और सरकार में एडजस्ट करने की कवायद तेज हो गई है. और बीजेपी प्रदेश प्रभारी राधामोहन अग्रवाल खुद इस पर काम कर रहे है. वही इन नेताओं को किस तरह पार्टी में एडजस्ट किया जाना चाहिए इसको लेकर भी दिल्ली में बात रख दी गई है .ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ ही समय में इन नेताओं को सम्मान और पद मिल सकता है. हांलाकि कुछ नेता ऐसे भी थे जिन्हे बीजेपी ने विधानसभा चुनावों में टिकट दिया था. लेकिन उनमे से कई को हार का सामना करना पडा था.कांग्रेस छोडकर बीजेपी में शामिल हुए नेताओं में अगर लिस्ट की बात करे तो कई बडे नाम है जिन्हे अभी तक पार्टी में सम्मान और पद की दरकार है. बात करे लालचंद कटारिया की तो वो कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके है और विधानसभा चुनावों में ही बीजेपी में शामिल हुए थे.इसके रिछपाल मिर्धा, राजेंद्र यादव, महेंद्रजीत सिंह मालवीय और खिलाडी लाल बैरवा सहित अन्य कांग्रेस नेता थे जिन्होने बीजेपी का दामन थामा था. अब चर्चाएं ये चल रही है कि इन नेताओं की लिस्ट तैयार कर ली गई है और जल्द से जल्द इन्हे संगठन और सरकार में कुछ बड़ी जगह दी जा सकती है. इसको लेकर लिस्टिंग कर ली गई है और तैयारियां जोरो शोरों से चल रही है वही अमित शाह का जयपुर दौरा भी इस ओर इशारा कर रहा है. माना जा रहा है कि अमित शाह प्रदेश नेतृत्व से इस संदर्भ में बातचीत करेंगे और जल्द ही कुछ बड़ी जिम्मेदारी इन नेताओं के हिस्से में आ सकती है.
Previous article

