राजस्थान में शिक्षा मंत्री को रिश्वत देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है .जिसको लेकर खुद मंत्री भी दावा कर रहे है कि मेरे जीवन में पहली बार ऐसा हुआ.दरअसल राजस्थान के शिक्षा मंत्री हमेशा अपने बेबाक बयानों और विपक्ष पर टिप्पणी को लेकर चर्चा में रहते है ,लेकिन अब एक ऐसा मामला आया है जिसके बाद सियासी महकमों और रिश्वतखोरी के बढते मामलों को हवाए दे दी.दरअसल प्रदेश में पहली बार जनसुनवाई के दौरान ही मंत्री को रिश्वत देने की कोशिश की गई .जिसके बाद मंत्री ने जो एक्शन लिया उसके बाद में जानना चाहिए. दरअसल राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर आज अपने आवास पर जनसुनवाई कर रहे थे.इसी दौरान उनको एक सरकारी शिक्षक ने लिफाफे में 5 हजार रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की .लेकिन इस दौरान मंत्री तुरंत एक्शन लिया और टीचर को गिरफ्तार करवा दिया. रुपयों का लिफाफा देने वाले युवक का नाम चंद्रकांत वैष्णव है। और वो बांसवाड़ा के घाटोल ब्लॉक में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बुधा में पोस्टिंग है। पुस्तक लेखन का काम राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद करती है। उसी लेखन प्रक्रिया में वह स्वयं को शामिल करवाना चाहता है। इसी मंशा के साथ सोमवार सुबह चंद्रकांत मंत्री के जयपुर के सिविल लाइंस स्थित आवास पर पहुंचा था। मंत्री सोमवार सुबह अपने सिविल लाइंस आवास पर जनसुनवाई कर रहे थे। तभी चंद्रकांत पाठ्यक्रम समिति में शामिल करने की मांग के लिए प्रार्थना पत्र लेकर आया। इसके साथ उसने एक लिफाफा और मिठाई का डिब्बा भी दिया।शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बताया- मैंने सामान्य लिफाफा समझ कर रख लिया, क्योंकि रोज सिफारिश के पत्र के साथ कई लिफाफे आते हैं। मेरे फोटोग्राफर भरत ने बताया कि उसमें पैसे हैं। इसके बाद मैंने लिफाफा देखा तो उसमें 5 हजार रुपए थे। मुझे रामगढ़ बांध जाना था। मैंने उसे वहीं बिठा दिया और पुलिस को सूचित किया। अब पुलिस युवक से पूछताछ कर रही है। मदन दिलावर ने कहा कि यह मेरे जीवन की पहली घटना है। लगभग 35-36 साल राजनीति में हो गए, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ, जब किसी को ये लगा हो कि शिक्षा मंत्री पैसे देकर काम करते हैं।
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