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यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने उदयपुर में ₹35 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के “आपणो अग्रणी राजस्थान” संकल्प के तहत उदयपुर में विकास कार्यों का नया अध्याय शुरू हो गया है।
नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने अपने दो दिवसीय उदयपुर दौरे के दौरान लगभग ₹35 करोड़ की लागत से बने विभिन्न विकास कार्यों और परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।

मंत्री श्री खर्रा ने दक्षिण विस्तार योजना में नवनिर्मित सामुदायिक केंद्र का उद्घाटन किया और उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) की तीन नई आवासीय योजनाओं (1109 भूखंड) का शुभारंभ भी किया।
इसके अलावा उन्होंने शहरी सेवा शिविरों में लाभार्थियों को पट्टे वितरित किए।

इस अवसर पर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़, रवींद्र श्रीमाली, पुष्कर तेली, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, और यूडीए आयुक्त राहुल जैन भी उपस्थित रहे।


सुनियोजित विकास से बढ़ेगा पर्यटन: झाबर सिंह खर्रा

मंत्री श्री खर्रा ने कहा कि उदयपुर दुनिया भर में पर्यटन के लिए प्रसिद्ध शहर है।
उन्होंने कहा, “शहर का सुनियोजित विकास, स्वच्छता, बेहतर रोशनी और नागरिकों का सौम्य व्यवहार निश्चित रूप से पर्यटन को नई ऊँचाइयाँ देगा।”

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनसे अल्प आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।


‘राइजिंग राजस्थान’ से बढ़ेगा निवेश और रोजगार

मंत्री ने बताया कि ‘राइजिंग राजस्थान’ कार्यक्रम के माध्यम से करीब ₹35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इनमें से लगभग ₹5 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है, जबकि अक्टूबर के अंत तक ₹4–5 लाख करोड़ के नए निवेश प्रस्ताव भी धरातल पर उतरेंगे।
इससे राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।


जल संकट से निपटने के लिए राज्य सरकार का रोडमैप

श्री खर्रा ने बताया कि मरुस्थलीय क्षेत्रों में जल संकट एक बड़ी चुनौती रही है, लेकिन पिछले 20 महीनों में इस दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई राम जल सेतु परियोजना, यमुना जल समझौता, और माही बांध साझेदारी जैसी योजनाएं प्रदेश के कई जिलों में जल उपलब्धता बढ़ाने में मददगार साबित होंगी।

साथ ही, चंबल नदी सहित अन्य नदियों के पानी को पाली, जोधपुर और नागौर तक पहुंचाने की परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ब्यास नदी का पानी भी राजस्थान लाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।


बिजली उत्पादन में बचत से आम उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ

मंत्री खर्रा ने बताया कि राजस्थान सरकार कोयला ढुलाई पर होने वाले भारी खर्च को कम करने के लिए छत्तीसगढ़ और झारखंड में नए ताप बिजली घर स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
एनटीपीसी के सहयोग से लगभग ₹3.5 लाख करोड़ की परियोजना पर विचार चल रहा है।
इससे बिजली उत्पादन की लागत में लगभग 90% तक बचत होगी, जिसका सीधा फायदा आम बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा।


10 हजार गांव होंगे गरीबी मुक्त

राजस्थान सरकार ने बजट में घोषित 5000 गरीबी मुक्त गांवों के लक्ष्य को बढ़ाकर अब 10,000 गांवों तक करने का निर्णय लिया है।
इन गांवों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से लोगों की आय बढ़ाकर उन्हें गरीबी रेखा से ऊपर लाने का लक्ष्य रखा गया है।


“कोई भी बिना आवास के न रहे” — सांसद चुन्नीलाल गरासिया

राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सपना है कि राजस्थान में कोई भी व्यक्ति बिना आवास के न रहे
उन्होंने यूडीए की आवासीय भूखंड योजना को ऐतिहासिक पहल बताया और विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री और मंत्री श्री खर्रा का आभार व्यक्त किया।
विधायक फूलसिंह मीणा और ताराचंद जैन ने कहा कि उदयपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के साथ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

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