नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल लगातार प्रदेश सरकार पर हमलवार है.हाल ही में उन्होने जयपुर में धरने प्रदर्शन के माध्यम से बीजेपी सरकार से एसआई भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग रखी थी.इसी बीच अब उनको लेकर एक मुद्दा और गर्माता जा रहा है.हाल ही में हनुमान बेनीवाल को सरकार की तरफ से सुरक्षा मुहैया करवाई गई थी.लेकिन वो प्रदेशस्तर पर नहीं मिलने से बेनीवाल खफा हो गए और उन्होने अपनी सुरक्षा वापस लौटा दी.वही अब बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा के मुद्दे को लेकर भजनलाल सरकार पर सवाल उठाया है…देखिए ये रिपोर्टदरअसल हनुमान बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है.जानकारी के अनुसार उन्होने मीडिया के माध्यम से सरकार से सवाल से पूछा कि अगर मेरे ऊपर हमला होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा….हनुमान बेनीवाल ने आगे कहा कि एक तरफ सरकार जान का खतरा बता रही है और सुरक्षा की बात कर रही है वही दूसरी तरफ मेरे लाइसेंसी हथियार 11 साल से थाने में जमा है.उन्होने बताया कि 2014 में एक केस के चलते उन्होंने अपनी पिस्टल और बंदूक थाने में जमा करवाई थी.लेकिन उस केस में एफआर भी लग गई लेकिन अभी तक उन्हे हथियार नहीं लौटाए गए है.उन्होंने आगे कहा कि एफआर के बाद उन्होंने तत्कालीन जिला कलेक्टर से लाइसेंस बहाल करने की मांग की, लेकिन कलेक्टर ने असमर्थता जताई. इसके बाद उन्होंने संभागीय आयुक्त से अपील की, जिन्होंने लगभग छह महीने पहले नागौर कलेक्टर को लाइसेंस बहाली के निर्देश दिए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. बेनीवाल का कहना है कि सांसद होने के नाते उन्हें विशेषाधिकारों के तहत लाइसेंसी हथियार और रेड पासपोर्ट मिलना चाहिए, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई पहल नहीं की. ऐसे में अब एक बार फिर से हनुमान बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा के मुद्दे को हवा दे दी है और बीजेपी सरकार पर तंज कसा है.वही दूसरी ओर बेनीवाल लगातार अपने बयानों में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को ही निशाने पर ले रहे है.और लगातार प्रदेश में तमाम मुद्दो पर प्रखरता से आवाज उठा रहे है.

