देश में राजा रघुवंशी की हत्या के बाद एक अलग ही चर्चा शुरु हो गई है .क्योंकि इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी को माना जा रहा है.ऐसे में मुस्कान और सोनम की आपराधिक मानसिकता और प्रवृति को लेकर भी चर्चाओं का बाजार तेज हो गया है.दोनों ही हत्याकांड की अगर बात करे तो यहा विश्वासघात और प्रेम प्रसंग अहम मुद्दा रहा ..ऐसे में दोनों ही युवतियों की मानसिक प्रवृति क्या एक जैसी थी या फिर अपने उद्देश्य को अंजाम देने के लिए उन्होने अपने रास्ते में आने कांटों को हटा दिया ..दोनों ही घटनाओं में बेहद दुखद और चौंकाने वाली बात है.दोनों ही मामलों में एक ही बात उभरकर सामने आती है वैवाहिक रिश्तों में विश्वासघात और अपराध की चरम सीमा.बात करे मेरठ हत्याकांड की तो यहा सौरभ राजपूत को उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने रास्ते से हटाया.मुस्कान ने अपने पति की हत्या की योजना प्रेमी के साथ मिलकर बनाई और हत्या के बाद शव को कई टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया गया। वही बात करें इंदौर केस की तो यहा राजा रघुवंशी की हत्या भी उसकी ही पत्नी के द्वारा अपने प्रेमी और भाडे के लोगों के द्वारा करवाई गई.दरअसल हनीमून पर गए राजा की हत्या कर दी गई, पुलिस को शक है कि इसमें उसकी पत्नी और उसके प्रेमी की साजिश थी।इन दोनों घटनाओं में रिश्तों की मर्यादा को तोड़कर आपराधिक स्तर पर ले जाना दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं के चलते कानून, नैतिकता और मानवता की सीमाएं पार कर देते हैं। ये मामले सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि सोच और समाज के गिरते मूल्यों को भी उजागर करते हैं।वही ‘साइकोलॉजिकल तरीके से बात करे तो इन दोनों ही घटनाओं में एक सामान्यता दर्शाती है .कि अपराधी ने अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए ना केवल अपराध को अंजाम दिया बल्कि उससे बचने के तरीके निकालने के लिए भी किसी भी हद तक जाने को तैयार हो गया.ऐसे में मानसिक विकृति का एक बडा उदाहरण ये भी देखने को मिला कि अपराधी को पता है वो अपराध कर चुका है .लेकिन अब उसको ये भी प्लान करना है कि उससे बचा कैसे जाए.तो साइकोलॉजिकल दृष्टि से देखा जाए तो मानसिक विकृति ना केवल अपराध को जन्म देती है बल्कि उससे बचने के तरीके भी निकालने के रास्ते बनाती है.
Previous article

