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छाले पड़े या चमड़ी उतरे, नरेश का प्रण !

नरेश मीणा ने की जनक्रांति यात्रा की शुरुआत नरेश मीणा नंगे पैर करेंगे जनक्रांति यात्रा नेताओं पर नरेश ने किया कटाक्ष नरेश मीणा ने जनक्रांति यात्रा की शुरुआज सावन के पहले सोमवार के दिन कर दी है.अपनी यात्रा शुरु करने से पहले नरेश मीणा ने कामखेडा बालाजी धाम पहुंचकर आर्शीवाद लिया.इस दौरान उनके साथ उनके समर्थक भी मौजूद रहे.वही यहा आयोजित एक जनसभा को भी नरेश मीणा ने संबोधित किया.इस दौरान तमाम बडे दावे करते हुए नेताओं पर भी कटाक्ष किया यात्रा शुरू करने से पहले एक जनसभा को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने कहा कि यात्रा का मकसद है कि भ्रष्टाचार और मिलावट खोरों के खिलाफ कठोर कानून बनाया जाए.उन्होंने कहा कि वह चप्पल उतार कर नंगे पैर पूरी यात्रा करेंगे. चाहे उनके पैरों में छाले पड़े या बदन की चमड़ी उतर जाए, लेकिन जिस मकसद को लेकर वह यात्रा निकाल रहे हैं. वह मकसद पूरा होने के बाद ही दम लेंगे. इस दौरान नरेश ने अपने भाषण के दौरान नेताओं और राजनीति पर जमकर कटाक्ष किया और कहा कि यदि ऐसा ही माहौल चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब नेता किसानों की जमीन भी छीन लेंगे. यात्रा की घोषणा करते हुए नरेश मीणा ने कहा कि समरावता के लोगों को अभी भी अधूरा न्याय मिला है, उसको पूरा कराने का काम करूंगा. वही राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव कराए जाने की मांग भी नरेश मीणा ने की बता दें कि नरेश मीणा की यह यात्रा झालावाड़ से शुरू होकर बारां जिले में होते हुए कोटा पहुंचकर समाप्त होगी. यात्रा के पहले दिन मनोहर थाना से अकलेरा पहुंच कर हरनावदा में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम है. नरेश मीणा अपनी 8 दिनों की जनक्रांति यात्रा के दौरान प्रदेश में 150 किमी की दूरी तय करेंगे.नरेश मीणा की यात्रा से तमाम राजनैतिक पार्टियों में भी खलबची मची हुई है क्योकि मीणा की इस यात्रा को काफी समर्थन मिल रहा है .और जिस जगह से भी ये यात्रा गुजर रही है वहा लोगों को हुजुम उमड रहा है.ऐसे में नरेश मीणा अब इस यात्रा के जरिए अपने राजनीतिक भविष्य को भी तय करेंगे.अभी तक नरेश मीणा को राजेंद्र गुढा का भी साथ मिला है.और वो भी इस यात्रा में शामिल हुए है .ऐसे में माना जा रहा है कि इस यात्रा में जल्द ही कई बडे चेहरे भी देखे जा सकते है .जिन्हे अपना सियासी भविष्य नरेश के साथ सुरक्षित दिख रहा है .