बीकानेर: कहते हैं कि सच्ची दोस्ती वही है जो मुश्किल समय में साथ निभाए। बीकानेर से आई यह कहानी इस कहावत को सच साबित करती है।
कांग्रेस नेता किरोड़ीलाल मीणा ने 50 साल बाद अपने पुराने दोस्त नारायण के घर का दौरा किया। नारायण अपने जीवन में कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे थे और एक छोटे, टूटे-फूटे कमरे में अकेले रहते हैं। उनकी पत्नी अब इस दुनिया में नहीं हैं।
दोस्ती की शुरुआत
किरोड़ीबाबा और नारायण की दोस्ती आपातकाल के दौर में शुरू हुई थी। उस समय नारायण टैक्सी चलाते थे और किरोड़ीबाबा बीकानेर दौरे पर थे। अचानक पुलिस ने हमले किए, और नारायण ने अपने टैक्सी से किरोड़ीबाबा को बचाया। यही घटना उनके बीच गहरी दोस्ती की नींव बनी।
मुलाकात का भावुक पल
किरोड़ीलाल मीणा अपने दोस्त की कठिन परिस्थितियों को देखकर भावुक हो गए। उन्होंने बिना किसी दिखावे के नारायण से मुलाकात की और यह साबित किया कि सच्ची दोस्ती केवल शब्दों में नहीं, बल्कि मुश्किल समय में साथ निभाने में भी होती है।
मुलाकात के दौरान नारायण ने कहा, “मैं सुदामा हूँ और किरोड़ी मेरे कृष्ण।” यह क्षण दर्शाता है कि असली दोस्ती का मूल्य पैसों से नहीं, बल्कि भावनाओं और विश्वास से मापा जाता है।
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