बांग्लादेश से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर एक और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। झेनाइदह जिले में एक हिंदू रिक्शा चालक गोविंदा बिस्वास को भीड़ ने हाथ में कलावा देखकर निशाना बनाया और बेरहमी से पीटा।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, 19 दिसंबर को गोविंदा अपने रिक्शा पर काम कर रहे थे, तभी भीड़ ने उन्हें घेर लिया और पूछताछ शुरू कर दी। कुछ लोगों ने उन्हें भारत की खुफिया एजेंसी रॉ (R&AW) का एजेंट बताना शुरू कर दिया।
इस दौरान भीड़ ने गोविंदा के साथ मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके शरीर पर कई जगह चोटें आईं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गोविंदा बार-बार अपनी सफाई देते नजर आ रहे हैं कि वह सिर्फ एक रिक्शा चालक हैं, लेकिन भीड़ ने उनकी बात नहीं सुनी।
बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और गोविंदा को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
इस घटना से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और भी सवालों के घेरे में आ गई है।

