ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद जहां एक ओर बीजेपी तिरंगा यात्राओं का आयोजन कर रही है वही दूसरी तरफ कांग्रेस भी अब सेना के सम्मान में जय हिंद सभाओं का आयोजन करने जा रही है .20 से 30 मई के बीच होने वाली इन सभाओं को आयोजन 15 राज्यो में होगा.बात करें राजस्थान की तो यहा एक मात्र जिला बाडमेर है जहां ये सभा होने वाली है सीजफायर के चलते भारत और पाकिस्तान में टकराव पर ब्रेक लग चुके है. लेकिन अब इसको लेकर सियासी जंग तेज हो चुकी है. एक तरफ भाजपा जहां देशभर में तिरंगा यात्राएं निकाल रही है तो वहीं कांग्रेस ने अब सशस्त्र बलों के सम्मान में जय हिंद सभाएं आयोजित करने का फैसला लिया है. हालांकि दोनों मुल्कों में जब टकराव जारी था तब भी कांग्रेस ने जय हिंद यात्राएं देशभर में निकाली थी. संगठन महासचिव वेणुगोपाल ने बाकायदा सभाओं को लेकर दिशा निर्देश भी जारी कर दिए हैं. दरअसल इन सभाओं के जरिए कांग्रेस थिंक टैंक की रणनीति बीजेपी सरकार को एक्सपोज करने की है. कांग्रेस रणनीतिकारों को लगता है कि माहौल सरकार के खिलाफ है. लिहाजा सभाओं के जरिए सुरक्षा में चूक, सीजफायर के फैसले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की बयानबाजी औऱ उस पर सरकार की खामोशी जैसे मसलों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगी. कुछ सभाओं में राहुल गांधी औऱ कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे भी हिस्सा ले सकते हैं. वहीं राजस्थान में होने वाली जय हिंद सभा की बात करें तो इसके लिए एक रणनीति के तहत बाड़मेर को चुना गया है. क्योंकि बाड़मेर जिले की सीमाएं पाकिस्तान से लगती है. जल्द ही आधिकारिक रूप से राजस्थान कांग्रेस बाड़मेर सभा की तारीख का ऐलान करेगी. लेकिुन कुल मिलाकर कह सकते है दोनों ही दल अपने अपने मुद्दों को लेकर अब यात्रा और सभाओं के जरिए आमने-सामने हो चुके हैं.

