पंचायत चुनाव पर मंत्री झाबर सिंह खर्रा का बड़ा बयान
मंत्री झाबर सिंह खर्रा का बड़ा बयान
राजस्थान में पंचायत चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मीयां तेज होती जा रही है। मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि ओबीसी आरक्षण के बिना राजस्थान में पंचायत चुनाव असम्भव हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह जनता में भ्रम फैला रही है और आरक्षण को लेकर असल स्थिति छिपा रही है।
मंत्री खर्रा का कहना है कि ओबीसी समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित किए बिना चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष और संतुलित नहीं हो सकते। वही उनका यह बयान राज्य की सियासी बहस को और तेज कर सकता है, क्योंकि पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच आरक्षण का मुद्दा एक संवेदनशील और गर्म विषय बना हुआ है।
- ओबीसी आरक्षण के बिना राजस्थान में पंचायत चुनाव असम्भव
सियासी गरमाहट बढ़ी: मंत्री खर्रा ने कांग्रेस पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
एकता पदयात्रा के दौरान मंत्री ने कही बड़ी बात: चुनाव केवल आरक्षण सुनिश्चित होने के बाद होंगे
कांग्रेस पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
राजस्थान के नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ में आयोजित एकता पदयात्रा के मौके पर ओबीसी आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है। मंत्री खर्रा ने दो-टूक शब्दों में कहा कि राज्य में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित किए बिना किसी भी सूरत में संभव नहीं हैं। वही उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक गलियारों में गर्माहट है और विपक्षी दलों द्वारा भ्रम फैलाए जाने की चर्चाएं हो रही हैं।
राजस्थान के मंत्री खर्रा ने पदयात्रा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने सितंबर में ही चुनाव संबंधी नोटिफिकेशन जारी कर दिया था, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में दो मुख्य कार्य अभी लंबित हैं। पहला, राज्य पिछड़ा आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग की आबादी के आंकड़े जुटाना और दूसरा, राज्य निर्वाचन विभाग द्वारा मतदाता सूची का अंतिम रूप तैयार करना।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सभी प्रक्रियाओं के बाद ही नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराए जाएंगे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी तीखा हमला किया और कहा कि विपक्ष चाहती है कि चुनाव ओबीसी आरक्षण के बिना संपन्न हो जाए, जबकि बीजेपी सरकार संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले ऐसा नहीं होने देगी।
ओबीसी आरक्षण की संवैधानिक प्रक्रिया
राजस्थान के मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य चुनावों को निष्पक्ष, संतुलित और कानूनी रूप से पूरी तरह वैध बनाना है।
उन्होंने कहा कि ओबीसी आरक्षण की संवैधानिक प्रक्रिया को पूरी किए बिना चुनाव कराने से 500 वर्षों से चली आ रही लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सामाजिक न्याय की भावना प्रभावित हो सकती है।
सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरित
अपने संबोधन में मंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज की एकता पदयात्रा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता का महत्व सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरित है।
इसी बीच मंत्री खर्रा के इस बयान से राज्य की सियासी बहस और तेज हो सकती है, क्योंकि यह मुद्दा नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों, ओबीसी आरक्षण और विपक्षी दलों की रणनीति को सीधे प्रभावित करता है।
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