उत्तराखंड के एक गांव, जो कभी “खूनी गांव” के नाम से जाना जाता था, ने अब एक नई पहचान हासिल कर ली है। लगभग 60 परिवारों की आबादी वाले इस गांव का नाम अब आधिकारिक रूप से बदलकर “देवीग्राम” रख दिया गया है। यह गांव लंबे समय से अपने पुराने नाम के कारण बदनाम था। कहा जाता है कि अतीत में यहां कई हिंसात्मक घटनाएं हुई थीं, जिससे इसे “खूनी गांव” कहा जाने लगा। गांव के लोग सालों से इस नाम को बदलने की मांग कर रहे थे, ताकि नई पीढ़ी पर इसका मनोवैज्ञानिक असर न पड़े और गांव की छवि सुधरे। स्थानीय प्रशासन और ग्रामवासियों के सहयोग से अब इस स्थान को एक सकारात्मक और सांस्कृतिक पहचान दी गई है। “देवीग्राम” नाम न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है, बल्कि गांव की नई शुरुआत और सकारात्मकता का प्रतीक भी बन गया है। गांव के लोगों में इस बदलाव को लेकर उत्साह है और उन्हें उम्मीद है कि इससे पर्यटन और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

