चर्चित योजना मनरेगा का नाम बदल गया
- केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
- 100 नहीं 125 दिन होगा काम
- मनरेगा को नए स्वरूप में ढालने की तैयारी

मनरेगा का नाम बदल गया
राजनीतिक चर्चा और बहस का मुद्दा बनी… यूपीए सरकार की चर्चित योजना मनरेगा का नाम बदल गया है…यह योजना नाम अब पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना कर दिया गया है…इस योजना में काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 कर दी गई है…

अब पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना
महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट का नाम… अब पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना कर दिया गया है l केंद्रीय कैबिनेट ने एक्ट का नाम बदलने और काम के दिनों की संख्या बढ़ाने वाले बिल को मंजूरी दे दी l इस योजना में काम के दिनों की संख्या…100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है l

महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम को मनरेगा के नाम से जाना जाता है l यह सरकार की एक खास स्कीम है…जिसका मकसद ग्रामीण इलाकों में परिवारों की रोजी-रोटी की सुरक्षा बढ़ाना है l इसके तहत… हर उस परिवार को एक फाइनेंशियल ईयर में… कम से कम 100 दिनों की गारंटी वाली मजदूरी वाला काम दिया जाता है, जिसके बड़े सदस्य बिना हुनर का काम करने के लिए अपनी मर्जी से तैयार होते हैं… इसे 2005 में लागू किया गया था l

विपक्ष ने कहा UPA की स्कीम
विपक्ष ने कहा कि फ्रस्टेशन के कारण नाम बदले जा रहे हैं l शिवसेना UBTकी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि… फ्रस्ट्रेशन की वजह से ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं… यह ध्यान भटकाने का एक और तरीका है l कांग्रेस ने इस मसले पर कहा कि…इसी मनरेगा को मोदी… कांग्रेस की विफलताओं का पुलिंदा बताते थे, लेकिन असलियत यह है कि यही मनरेगा ग्रामीण भारत के लिए संजीवनी साबित हुआ l उसका कहना है कि,उन्होंने 11 साल में UPA की स्कीमों का नाम बदल, अपना ठप्पा लगा कर पब्लिसिटी करना है l
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